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3018 में ऐसी होगी हमारी दुनिया

आज से 50 साल बाद 100 साल बाद या 1000 साल बाद हमारी दुनिया कैसी होगी? कैसी दिखेगी? 
3018 में ऐसी होगी हमारी दुनिया?
विज्ञान आज के समय में इतनी तरक्की कर ली है कि आज आपके पास जो भी चीजें हैं उससे लगता है कि वह बहुत ही एडवांस और आधुनिक है और आप बहुत ही भाग्यशाली हो कि इस आधुनिक युग में जन्म लिए हो जहां पर एक ऐसी छोटी सी डिवाइस है जिससे आप जहां चाहो जिससे चाहो एक नंबर डायल करके उससे बात कर सकते हो। नेटवर्क का एक ऐसा जाल और करोड़ों वेबसाइट का एक ऐसा नेटवर्क जहां पर आप जो भी इनफार्मेशन चाहे उसे प्राप्त कर सकते हैं। एक ऐसा समय था जब यह महज कल्पना थी लेकिन अब वह हकीकत बन चुकी है मगर भविष्य में जो होने वाला है उसे जानकर आपको बहुत ही हैरानी होगी। भविष्य में जो होने वाला है वह आज आपके लिए कल्पना है लेकिन बाद में वो हकीकत होगी।

जब आपने जन्म भी नहीं लिया था मतलब आज से 150, 200 साल पहले मतलब की 1800 से 1900 के बीच में, उस समय इंसान की औसत आयु सिर्फ 38, 39 साल थी। मतलब कि 38 से 40 साल के बीच में इंसान की मृत्यु हो जाती थी। पर आज देखिए साल 2000 के बाद ये औसत आयु 38 से बढ़कर 80 हो गई है। मतलब अगर आप नॉर्मल हेल्दी इंसान हो तब आप आज के मेडिकल सुविधाओं के साथ लगभग 80 साल तक जिंदा रहने की उम्मीद कर सकते हो। औसत आयु बढ़ने का कारण है आज का हमारा आधुनिक मेडिकल विज्ञान जिसके पास भयंकर से भयंकर बीमारियों का भी इलाज है। पर आज भी ऐसे बहुत सी बीमारियां हैं जिसका इलाज हमारे पास नहीं है। नैनो टेक्नोलॉजी एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसके सहारे हम जो करना चाहे वह कर सकते हैं नैनो टेक्नोलॉजी से आपके दिमाग की शक्तियां बढ़ सकती है इससे आप और अधिक स्वस्थ बन सकते हैं और यह मत सोचना की नैनो टेक्नोलॉजी भविष्य की कोई कल्पना है नैनोटेक्नोलॉजी आज भी मौजूद है। नैनोटेक्नोलॉजी में छोटे छोटे रोबोट आपके शरीर में भेजे जाते हैं और उसके अंदर चिप लगे होते हैं और वे चिप आपके खून में मिलकर काम करते हैं।

आपके शरीर में कोई भी इन्फेक्शन होगी या कोई भी बीमारी के विषाणु और जीवाणु होंगे तो नैनो रोबोटिक चिप आपके खून में मिलकर आपके हार्मोन में मिलकर 1 सेकंड में ठीक कर सकेगी। आज कल के ट्रीटमेंट सिम्पल टूल्स और औजारों की मदद से होती है और वे इंसानी डॉक्टर करते हैं पर भविष्य में आपका इलाज आधुनिक रोबोट्स करेंगे और ऐसी टेक्नोलॉजी भी होगी जिसकी मदद से उम्र बढ़ने को नैनोटेक्नोलॉजी से सलो कर सकते हो। अमर होना एक रोचक टॉपिक है पर ये इस सृष्टि का नियम है कि जिस का जन्म होता है उसको कभी ना कभी मरना ही है। पर यह कहीं नहीं कहा गया है कि हम अपने उम्र को बढ़ा नहीं सकते हैं जिस तरह सन 1800 से 2000 तक इंसान ने अपनी औसत उम्र 42 साल तक बढ़ा लिया। भविष्य में नैनोटेक्नोलॉजी की मदद से इंसान की उम्र 500 से 1000 साल तक किया जा सकेगा। ऐसे कई तरह के आंखों में लगाने वाले कॉन्टैक्ट लेंस आएंगे जिससे आपका आंख बिल्कुल कैमरे की तरह जूम कर सकेगा और आपका आंख एक माइक्रोस्कोप टेलीस्कोप बन जाएगा। भविष्य में एक ऐसा समय आएगा जब यह जो दुनिया है एक ऑफलाइन और एक ऑनलाइन यह दोनों मिलकर एक हो जाएगा। आपका हर चीज आपका शर्ट आपकी गाड़ी आपका घर सब चीज इंटरनेट से कनेक्टेड हो जाएगा और इन सबके अंदर एक नैनो चिप लगे होंगे।
आजकल की जो प्रदूषण की समस्या है उसे भी हम नैनो रोबोट की मदद से साफ कर पाएंगे। वह तो तब होगा जब हम धरती पर रहेंगे पर क्या हम उस टाइम तक सिर्फ धरती पर ही रहेंगे? जो कोयला डीजल पेट्रोल आज हम मजे से इस्तेमाल कर रहे हैं वह खत्म हो जाएंगी और हमें अलग अलग प्राकृतिक पदार्थों से बिजली का उत्पादन करना होगा हमारे वातावरण को प्रभावित किए बिना नए-नए तकनीकों का इस्तेमाल करना होगा। धरती पर समुद्र की लेवल और भी बढ़ जाएगी और बैंकॉक जैसे खूबसूरत जगह पानी में डूब जाएगी और इसके साथ साथ सूरज की तापमान और भी बढ़ जाएगी जिसके कारण धरती की औसत तापमान और भी ज्यादा बढ़ जाएगी और जिसके कारण सूरज के तापमान से जो अल्ट्रावॉयलेट रेज निकलती है वह और भी बढ़ जाएगी और उस समय हमें एक नए घर की तलाश होगी।

ऐसे ग्रह की तलाश होगी जहां पर इंसान अपने आगे की सभ्यता को बढ़ा सके। मंगल ग्रह एक बढ़िया उदाहरण है जहां पर इंसान बस सकता है पर हमारे वैज्ञानिकों का सपना वह नहीं है हमारे वैज्ञानिकों ने तय किया है जब धरती भविष्य में रहने लायक नहीं होगी तब हमें दूसरे सौरमंडल में ट्रांसफर होना होगा।
अभी हमारी दुनिया की आबादी 7 बिलियन है 7 बिलियन लोग आज इस धरती के संसाधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं यह तो आपको पता था पर साल 3018 में मतलब आज से हजार साल बाद हमारी धरती की जनसंख्या करीब 100 बिलियन होंगे मतलब उस समय 10,000 करोड़ लोग इस धरती पर होंगे और उस समय हमें दूसरे सौरमंडल में जाना पड़ सकता है वहां पहुंचने में हमें हजारों साल का समय लग सकता है और 10000 करोड लोगो को ट्रांसफर करने के लिए हमें एक बड़ी स्पेसशिप की जरूरत पड़ेगी।

मैं जानता हूं कि यह बातें आप लोगों को बहुत अजीब लग रही होगी पर दोस्त साइंस के हिसाब से यही होने वाला है। मगर दूसरे ग्रहों पर एलियंस के साथ अगर आप बस्ती ना बसा पाओ पर तब आप बहुत ही आधुनिक रोबोट से तो जरूर ही मिल पाओगे। मैं सिर्फ रोबोट्स की बात ही नहीं कर रहा मैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात कर रहा हूं मतलब की कृत्रिम बुद्धि। मतलब आप जो फेसबुक यूज करते हो या गूगल करते हो तो यह कुछ और नहीं बल्कि कृत्रिम बुद्धि है आपने नोटिस किया होगा जब आप कोई भी चीज किसी भी शॉपिंग वेबसाइट से खरीदते हो तो उसी से संबंधित विज्ञापन आपको हर एक वेबसाइट पर दिखाई देगा। अगर आप फेसबुक पर किसी पेज को लाइक करते हो या यूट्यूब पर किसी चैनल को सब्सक्राइब करते हो तो आपको उसी से मिलती जुलती नई पेजेस या यूट्यूब चैनल आपको सजेस्ट करेगा। हर एक लाइक और कमेंट के पीछे हजारों कंप्यूटर एक साथ जुड़ती है और इसके पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जुड़ा होता है और यह काम करता है।
वैज्ञानिकों ने कई रिसर्च करने के बाद यह पता लगाया है कि जिस तरह से हमारे शरीर के डीएनए में बदलाव हो रही है उससे हमारी आंखें और भी बड़ी हो जाएगी और हमारे शरीर में कई तरह के बदलाव आ जाएगी। डीएनए के लेवल में हमारे शरीर में म्यूटेशन होंगे इंसान म्यूटन में बदल जाएगा जिसके चलते हमें अलग-अलग तरह की शक्तियां मिलेगी। आज कल की दुनिया में कई लोग ऐसे ही म्यूटेशन के साथ जन्म लेते हैं मिचेल लोटिटो उस म्यूटेशन का सबसे बड़ा उदाहरण है ये आदमी कुछ भी खा सकता है चाहे वो लोहा हो या लड़की और आज से हजार साल बाद ये हमारे लिए कॉमन हो जाएगी।
इस म्यूटेशन के माध्यम से इंसान के अंदर भविष्य में कई सुपर पॉवर डेवलप होंगे।

तो आपको हमारी आज की आर्टिकल कैसी लगी ये आप हमें कॉमेंट करके जरूर बताना।

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