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Showing posts from September, 2018

जानिए THUGS of HINDOSTAN की पूरी कहानी

दिवाली पर आने वाली फिल्म "ठग्स ऑफ हिंदुस्तान" का हम सभी को बेसब्री से इंतजार है इस फिल्म की कहानी 1839 में लिखी हुई एक किताब कन्फेशन ऑफ ठग्स पर आधारित है। आज इस आर्टिकल में मैं आपको ठगों के असली कहानी के बारे में बताऊंगा।
ठग एक हत्यारी जनजाति को नाम दिया गया जो कि अपना वजूद मां काली के पसीने से जुड़ा हुआ बताते हैं। ठगो में कहे जाने वाले एक लोककथा के अनुसार जब मां काली रक्तबीज नामक राक्षस से युद्ध कर रही थी तब उस राक्षस रक्तबीज के हर एक खून के बूंद से एक नया हूबहू राक्षस का रूप बन जाता था। यानी जितना ज्यादा राक्षस का खून बहता था उतने और राक्षस पैदा हो जाते थे। इससे मां काली की कठिनाइयां बढ़ने लगी। तो इसका समाधान करने के लिए मां काली ने तब अपने पसीने से दो इंसानो को बनाया जिसको उन्होंने रुमाल जैसा एक कपड़ा दिया जिसकी मदद से वह राक्षस का गला घोट के हत्या कर सके।

ठग उन्हीं दो इंसानों को अपना पूर्वज मानते थे और इसी को अपना धर्म मान लिया था। दिल्ली से जबलपुर के रास्तों के आसपास ठगों का खौफ बहुत ज्यादा था उनकी बातें हर जगह हुआ करती थी जिसका वजह था की वह बिना एक बूंद खून बहाए लोगों…

इस वजह से निकलते है फैल करने वाले टॉपर से आगे

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका "The Mysterious knowledge" में,
हमारे समाज के मन में ये धारणाएं बनी हुई है कि आप जितने बुद्धिमान हो उतने ही सफल बनोगे। आपके कॉलेज तथा स्कूल में तो यही होता है लोगो को लगता है वहीं सफल बनेगा जो ज्यादा बुद्धिमान है।
आप इस पोस्ट को शुरू से लास्ट तक जरूर पढ़ना क्योंकि शायद यह पोस्ट आपको गलत लगे लेकिन अगर आप इसको शुरू से लास्ट तक पढ़ लोगे तो यह आपके धारणाएं बदल दे।
यह सवाल मुझे और आपको हमेशा परेशान करती होगी कि क्या जिंदगी में कामयाब होने के लिए 99% जरूरी है ठीक यही सवाल 1920 में महान साइकोलॉजिस्ट यानी मनोवैज्ञानिक लेविस टर्मन के मन में भी आया था और तब उन्होंने ठान लिया था कि मैं इस सवाल का जवाब पता लगा कर ही रहूंगा। उन्होंने यह बात पता लगाने के लिए एक एक्सपेरिमेंट किया और यह अजीब अध्ययन करीब 40 साल तक चला और यह मनोविज्ञान के दुनिया का सबसे बड़ा अध्ययन आपको इस छोटी सी आर्टिकल में मिल रही है

उन्होंने अमेरिका के सभी कॉलेज और स्कूल से सबसे इंटेलिजेंट बच्चों को ढूंढना शुरू कर दिया। खोज के बाद लगभग ढाई लाख बच्चे अमेरिका से निकले पर इतने बच्चों पर अध्ययन…

3018 में ऐसी होगी हमारी दुनिया

आज से 50 साल बाद 100 साल बाद या 1000 साल बाद हमारी दुनिया कैसी होगी? कैसी दिखेगी?  विज्ञान आज के समय में इतनी तरक्की कर ली है कि आज आपके पास जो भी चीजें हैं उससे लगता है कि वह बहुत ही एडवांस और आधुनिक है और आप बहुत ही भाग्यशाली हो कि इस आधुनिक युग में जन्म लिए हो जहां पर एक ऐसी छोटी सी डिवाइस है जिससे आप जहां चाहो जिससे चाहो एक नंबर डायल करके उससे बात कर सकते हो। नेटवर्क का एक ऐसा जाल और करोड़ों वेबसाइट का एक ऐसा नेटवर्क जहां पर आप जो भी इनफार्मेशन चाहे उसे प्राप्त कर सकते हैं। एक ऐसा समय था जब यह महज कल्पना थी लेकिन अब वह हकीकत बन चुकी है मगर भविष्य में जो होने वाला है उसे जानकर आपको बहुत ही हैरानी होगी। भविष्य में जो होने वाला है वह आज आपके लिए कल्पना है लेकिन बाद में वो हकीकत होगी।
जब आपने जन्म भी नहीं लिया था मतलब आज से 150, 200 साल पहले मतलब की 1800 से 1900 के बीच में, उस समय इंसान की औसत आयु सिर्फ 38, 39 साल थी। मतलब कि 38 से 40 साल के बीच में इंसान की मृत्यु हो जाती थी। पर आज देखिए साल 2000 के बाद ये औसत आयु 38 से बढ़कर 80 हो गई है। मतलब अगर आप नॉर्मल हेल्दी इंसान हो तब आप आज …

सीता माता ने लक्ष्मण को क्यों निगला

रामायण में ऐसी कई कहानियां मिलती हैं जिसके बारे में बहुत कम ही लोग जानते हैं हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथ रामायण में मुख्यतः राम जन्म, सीता विवाह, राम का बनवास, सीता हरण और राम रावण युद्ध के रूप में जाना जाता है।
लेकिन ऐसा नहीं है रामायण में मुख्य कथा के अलावा भी कई ऐसे घटनाओं का वर्णन किया गया है जिसके बारे में हम और आप जानते ही नहीं। एक ऐसे ही अनसुनी कहानी है मां सीता और लक्ष्मण के संबंध में।
रामायण में इस बात का वर्णन मिलता है देवी सीता ने अपने पुत्र समान देवर लक्ष्मण को जिंदा ही निगल लिया था तो आइए जानते हैं की देवी सीता ने पुत्र समान लक्ष्मण को क्यों निगल लिया था।

नमस्कार दोस्तों द मिस्टीरियस नॉलेज में एक बार फिर आपका स्वागत है हम सभी जानते हैं की माता सीता अपने देवर लक्ष्मण को पुत्र की भांति चाहती थी पर बहुत कम लोगों को पता है की देवी सीता ने अपने पुत्र समान देवर को जिंदा ही निगल लिया था। जब भगवान राम रावण का वध करके अयोध्या वापस आए तो अयोध्या को खूब सजाया गया और राम के आने की खुशी में उत्सव का आयोजन किया गया। सभी अयोध्यावासी उत्सव मनाने में व्यस्त थे कि अचानक माता सीता को याद आया …

हरयाणवी जाट यूट्यूबर ललित शौकीन

यूट्यूब एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसको लोग मनोरंजन के लिए इस्तेमाल तो करते ही हैं पर इसके बावजूद लोगों ने अपना टैलेंट दिखाने का एक जरिया भी बना लिया है और आजकल बहुत कमाल के आर्टिस्ट यूट्यूब पर अपना टैलेंट दिखाते हुए मिल जाते हैं। यूट्यूब ने हमको एक से बढ़कर एक कई सुपरस्टार दिए। आज की हमारी कहानी ऐसे ही आर्टिस्ट की है जिसने अपना टैलेंट दिखाने के लिए यूट्यूब का सहारा लिया।
कोई भी चीज तभी सफल होती है जब वह लोगों को पसंद आती है और कुछ ऐसा ही हुआ आज के हमारे यूट्यूबर के साथ भी। हम बात कर रहे हैं ललित शौकीन के बारे में जिनको यूट्यूब पर कॉमिक वीडियो पोस्ट करने के लिए जाना जाता है इन्होंने अपने शानदार काम से भारत में लाखों फैंस बना लिए हैं। जिनकी मदद से इनकी हर वीडियो आपको यूट्यूब के ट्रेंडिंग में देखने को मिल जाएगी।

ललित आज के समय के सबसे लोकप्रिय यूट्यूबर में से एक हैं उनकी वीडियो के लोकप्रियता की खास बात यह है कि उनकी वीडियो काफी रिलेटिवल होती है ऊपर से उनकी वीडियो देसी थीम में होती है जोकि आजकल लोगों को बहुत पसंद आ रहा है।

ललित का जन्म नजफगढ़ दिल्ली में हुआ था। ललित बचपन से ही पढ़ाई में बहुत…

अगर चांद गायब हो जाए तो क्या होगा

क्या होगा जब चांद नहीं होगा यह जानने से पहले आइए कुछ बेसिक जानकारी के बारे में जान लेते हैं।

चंद्रमा पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह जिसका जन्म आज से लगभग 4.5 अरब वर्ष पूर्व पृथ्वी और थिया ग्रह के भीषण टकराव के बाद बचे हुए अवशेषों के मलबे से बना था। चंद्रमा हमारे सौरमंडल का पांचवा विशाल प्राकृतिक उपग्रह।

पृथ्वी के मध्य से चंद्रमा की एवरेज दूरी 384,403km है पृथ्वी का द्रव्यमान चंद्रमा की तुलना में लगभग 81 गुना है और चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक चौथाई है इसलिए पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल छठा हिस्सा ही रह जाता है। यदि कोई मनुष्य पृथ्वी की सतह पर 1 मीटर ऊंचा उछल सकता है तो वही मनुष्य है चंद्रमा की सतह पर 6 मीटर ऊंचा उछल सकेगा। जिस तरह पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में 365 दिन लगते हैं उसी तरह चंद्रमा को पृथ्वी की परिक्रमा करने में 27.3 दिन लगते हैं। और अपने अक्ष पर भी एक चक्कर पूरा करने में 27.3 दिन लगते हैं यही कारण है की चंद्रमा का एक हिस्सा या फेस पृथ्वी की तरफ रहता है। अगर चंद्रमा पर खड़े होकर हम पृथ्वी को देखें तो पृथ्वी हमें साफ-साफ अपने अक्…

तुम्हें टॉपर बनने से कोई नहीं रोक सकता

पढ़ाई तो आप लोगों को करनी पड़ती है लेकिन क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे कि आप किसी चीज को इस तरह से समझ लो कि आप उसे जिंदगी भर के लिए याद रख सको।
दिमाग की शक्ति अलग चीज होती है और आपकी स्मरण शक्ति एक अलग चीज होती है। स्मरण शक्ति आपको किसी भी चीज को याद रखने में मदद करती है पर समझने की शक्ति आपको किसी भी चीज के बारे में जानने में मदद करती है। जब आप किसी चीज के बारे में अच्छे से जान लेते हो तो आप उस चीज को जल्दी नहीं भूल पाते यानी अच्छे से समझ लेते हो।

यह तो जानी-मानी बात है की पढ़ते समय किसी भी चीज को रटना नहीं चाहिए बल्कि उसे समझना चाहिए। अभी तक मैंने जो भी बोला उसका मतलब साफ है की समझना और याद करना दोनों अलग-अलग चीजें हैं जब आप किसी चीज को समझते हो तो उस चीज को आप जल्दी भूल नहीं पाओगे लेकिन अगर आप किसी चीज को याद करते हो तो उसे जल्दी ही भूल जाओगे।
पढ़ाई में आपने जरूर देखा होगा कि कभी कभी कोई चीज आपको समझ में नहीं आती है लेकिन आप उस चीज को याद करते हो तु थोड़ी देर के लिए आपको ऐसा लगता है कि हां आपको समझ आ गया है।
आपको लगता है कि किसी चीज को ऐसे करना है फिर ऐसे करना है फिर ऐसे करना है ले…

सोते समय आपके साथ ये होता है

डेली रात को इंटरनेट चलाने के बाद आप सोने जाते हो और पूरी रात सो के फिर सुबह उठते हो पर सोने के दौरान सोते समय बहुत सारी बातें होती हैं, जो आपको जाना चाहिए।

इसलिए इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ना इनमें से बहुत सी बातें आपके शरीर से जुड़ी हुई है, जिससे कि आप चौक जायेंगे।

पैरालाइज: आपने कभी पैरालाइज लोगों को देखा है वह अपना हाथ पैर नहीं हीला सकते हैं। आप नॉर्मल हो लेकिन जब आप सोते हो तो सोते समय के दौरान आप पैरालाइज हो जाते हो। यह कोई डरने की बात नहीं है यह एक नार्मल सी चीज है जो कि सब के साथ होती है पर आप अपने आप में यह चीज महसूस नहीं कर पाते हो कि आप पैरालाइज्ड हो क्योंकि आप गहरी नींद में होते हो।
आंखों की अजीब हलचल: आप यह सोचते होगे कि जब आप सोते हो तो आपकी आंखें एक जगह पर होगा पर यह बात गलत है। विज्ञान के कई अनुसंधानों में पाया गया है कि जब आप सोते हो तो आप की आंख बड़ी अजीब तरीके से व्यवहार करती है। जब आप सोते हो तो आप की आंख हमेशा हिलती डुलती रहती है यह है वो ग्राफ
जिसमें आप अपनी आंखों का हलचल देख सकते हो। यह सब के साथ होता है चाहे आप हो या आपके माता पिता। यहां पर आप देख सकते हो कि आपका आं…

इस योगी से युद्ध हार गए थे हनुमान जी

नमस्कार, आप सभी पाठकों का द मिस्टीरियस नॉलेज में बहुत-बहुत स्वागत है। आज मैं आपको महावीर हनुमान जी से जुड़ी एक पौराणिक कथा के बारे में बताने जा रहा हूं हमारे धर्म ग्रंथों के अनुसार पवन पुत्र हनुमान को सबसे शक्तिशाली योद्धा माना गया है पुरानी कथाओं में उल्लेख मिलता है अंजनी पुत्र हनुमान को अपने संपूर्ण जीवन काल में केवल एक योद्धा से हार का सामना करना पड़ा था।

तो आइए जानते हैं हनुमान जी की इस एक हार की कथा के बारे में।

इस कथा के अनुसार एक बार मछंदर नाथ जी रामेश्वरम में आते हैं वहां श्रीराम द्वारा निर्मित राम सेतु देखकर अत्यधिक प्रसन्न होते हैं और भगवान श्री राम के भक्ति में लीन होकर समुंदर में स्नान करने लग जाते हैं। राम भक्त हनुमान वहां पर एक बूढ़े वानर के रूप में पहले से ही मौजूद होते हैं। उनकी नजर जैसे ही मछंदर नाथ के ऊपर पड़ती है वह समझ जाते हैं की यह कोई सिद्ध योगी हैं फिर भी हनुमान जी मछंदर नाथ के शक्ति की परीक्षा लेने की सोचते हैं और अपनी शक्ति से जोरदार बारिश करवाने लग जाते हैं।

जोरदार बारिश का भी जब मछंदर नाथ पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा तब हनुमानजी अपने बूढ़े वानर के रूप में पहाड़…